कल दशहरा यानी विजयदशमी है..., माना जाता है कि इसी दिन भगवन राम ने असुरराज रावण को मारा था।अत्याचार और अधर्म के प्रतीक रावण के वध की ख़ुशी में ही विजयदशमी मनाई जाती है। चारो ओर रामलीला की धूम मची हुई है... क्या बच्चे, क्या बूढ़े।
आज रामलीला का आखिरी दिन होगा और कल जगह-जगह दशानन रावण का पुतला जलाया जायेगा। उसे जलता देख लोग खुशियाँ मनाएंगे..., चलो एक बार फिर हमने बुराई के प्रतीक रावण को ख़त्म कर दिया, लेकिन क्या कभी आपने अपने अन्दर बैठे रावण को जाना-पहचाना और उसे मारने की कोशिश की?
क्या कहा? आपके भीतर रावण कहाँ से आया? आप तो बड़े अच्छे इन्सान हैं.....। महोदय, यही तो आप की भूल है।
आज रामलीला का आखिरी दिन होगा और कल जगह-जगह दशानन रावण का पुतला जलाया जायेगा। उसे जलता देख लोग खुशियाँ मनाएंगे..., चलो एक बार फिर हमने बुराई के प्रतीक रावण को ख़त्म कर दिया, लेकिन क्या कभी आपने अपने अन्दर बैठे रावण को जाना-पहचाना और उसे मारने की कोशिश की?
क्या कहा? आपके भीतर रावण कहाँ से आया? आप तो बड़े अच्छे इन्सान हैं.....। महोदय, यही तो आप की भूल है।
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Smart Boy Ashish